किसी को भुलाना इतना आसान नहीं होता,,,,,,,,,

*दिल और दिमाग मै से किसी इंसान और कुछ बाते निकालना बहुत ही मुश्किल होता है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*चाह कर भी हम इन सब को कभी कभी अपने दिमाग से निकाल ही नही पाते है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*जो हमेशा दिल और दिमाग में रहती है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*अगर सब कुछ भुलाना इतना आसान होता तो जिंदगी की किताब से मै कुछ पंने अलग कर देती जो याद आने पर बहुत तकलीफ देते है,,,,,,,,,,,,,,,,

*पता नहीं कुछ लोग कैसे सब कुछ इतनी आसानी से भूल जाते है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*यहाँ तो सब कुछ याद रहता है भुलाना तो दूर कभी दिमाग से ही नही जाते है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*कुछ लोगो को भुलाना इतना आसान नही होता जितना कुछ लोग बोल देते हैं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

16 thoughts on “किसी को भुलाना इतना आसान नहीं होता,,,,,,,,,

  1. मस्तिष्क दिल को चीजों को छिपाने में मदद करता है…।
    यह कपड़े अलमारी में खाना पकाने के बर्तन डालता है…
    और एक नई पोशाक एक पैन की तरह महसूस कर सकते हैं… ।
    प्यार-दयालुता इस तरह से भी छुपाता है.. ।
    यह भ्रामक हो सकता है …
    यह जानने के लिए सिर्फ शुरुआत है …

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