अगर ख्वाबो मै जान हो तो वो कभी भी पूरे हो सकते है ! ,,,, एक छोटी सी स्टोरी,,,,,,,,,,

*बाबा मुझे अभी और पढ़ना है! अपने ख्वाबो को पुरा करना है! लेकिन आप ये क्यु बोल रहे हो के बहुत पढ़ लिया! अब आगे नहीं! आप को तो पता है ना मेरे कितने ख्वाब है! आप ऐसा कैसे बोल सकते हो बाबा,,,,,,,,,,,,,,,,,

*देखो मेरी प्यारी बेटी, तुम तो अपने बाबा की जान हो ना! अपने बाबा को अच्छे से समझती हो! प्लीज़ अपने बाबा की ये बात मान लो! तुम्हारा बाप, अब बुढा, हो गया है!मेरी सासो का कोई पता नही है! ना जाने कब मेरा साथ छोड़ दे! इस लिए जितनी जल्दी हो सके तुम्हारी शादी कर देना चाहता हु! ताकि मै मौत की नींद अच्छे से सो सकूँ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*बाबा आप ऐसा क्यु बोल रहे हो! मै आप को कहीं नही जाने दूगी! इतना बोलकर हानिया, की आँखों से आशु बहने लगे ! और वो अपने बाबा के गले लग कर रोने लगी,,,,,,,,,,,,,,,

*कहते है खुदा जिंतना इंसान से लेता है! उससे कही जादा अधिक उसकी झोली मै डाल देता है! बहुत खुशनसीब होते हैं वो माँ बाप जिनके पास हानिया जैसी बेटी होती है! खुदा ने हानिया की माँ को अपने पास बुला लिया! मगर हनीफ साहब, को हानिया जैसी बेटी अता की! हानिया जब इस दुनिया मै आई ! वो अपने साथ बहुत बरकते साथ लाई!

*हनीफ साहब, अपनी बेटी से बहुत प्यार करते थे,! कभी उसकी आँखो मै कोई आँशु नही आने देते थे! हर तरह से उसका ख्याल रखते! बाप होने के बावजूद कभी उन्होंने हानिया को माँ की कमी महसूस नहीं होने दी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*सब कुछ सही चल रहा था! अचानक से हानिया को अपनी शादी का सुनकर बहुत ही अजीब लगा! एक दम उसके बाबा को उसकी शादी की जल्दी क्यु पड़ी थी,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,

*अभी तो उसके ख्वाबो का सफर शुरू ही हुआ था! अभी तो उसे पढ़ना था,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*फिर वो दिन भी आ ही गया! जब हानिया दुल्हन, के जोड़े मै सजी हुई थी! जितने खुश हनीफ साहब, लग रहे थे! उससे कही जादा वो अंदर से दुखी थे! उनकी फूल जैसी बेटी ना जाने कब इतनी बड़ी हो गयी! उन्हे पता ही नही चला,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*जिंदगी के खेल भी बहुत ही अजीब है! ना जाने कहा से कहा इंसान को लेकर जाते है! ,,,,,,,,,,,,,

*हानिया बिल्कुल अपने नये घर से अंजान थी! इस नये घर के तौर तरीके सब उसके घर से अलग थे! जिन्हे समझना उसके लिए बहुत मुश्किल हो रहा था,,,,,,,,,,,,,,,,,

*मगर फ़ारिश् ने इन सब मै उसका पूरा साथ दिया था! फ़ारिश् के घर वाले भी बहुत ही अच्छे थे! हानिया का बहुत ख्याल रखते थे! फ़ारिश् के घर मै हानिया को बहुत प्यार मिला! मगर उसे अपने पहले वाले घर और सबसे जादा अपने बाबा की याद आती थी! जब भी उसे अपने बाबा की याद आती थी! और जब भी उसका मन अपने बाबा से मिलने को करता! फ़ारिश् फौरन उसे लेकर चला जाता,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*हानिया की पढाई बीच मै रुक गयी थी! उसे लगा था अब सायद वो कभी कॉलेज नही जा सकेगी!

*मगर उसका ऐसा सोचना बिल्कुल गलत था! फ़ारिश् एक बहुत ही अच्छा हसबैंड, साबित हुआ! जो हानिया की हर ख्वाइश पुरा करना चाहता था! और सबसे अच्छी बात वो इन सब मै कामयाब भी हो गया था! फ़ारिश् को हानिया से मोहब्बत हो गयी थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*जो खुबिया हानिया ने अपने हसबैंड मै सोची थी! फ़ारिश् मै वो थी! एक लड़की को उसका हंसफ़र अच्छा और उसकी कदर करने वाला मिल जाए! तो उस लड़की को और क्या चाहिए ! बस वो इंसान अपनी बीवी, की इज्जत करने वाला हो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*एक लड़की का भी यही फ्रज होना चाहये! के वो भी अपने जीवन साथ की इज्जत करे ! जो हानिया बहुत करती थी,,,,,,,,,,,

9 thoughts on “अगर ख्वाबो मै जान हो तो वो कभी भी पूरे हो सकते है ! ,,,, एक छोटी सी स्टोरी,,,,,,,,,,

  1. मुझे यकीन नहीं है कि अगर आप हिंदू में लिखते हैं, लेकिन मैं पढ़ने और आप के साथ बात करने का मौका ले-इतना दिया जा सकता है अगर हम अपने दिल पर भरोसा है और एक दूसरे के साथ रहना सीखो और एक खोलने के फूल की तरह हो जाना

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