अहसास हुआ जब,,,,,,

*अहसास हुआ जब जिंदगी जीनी है मुझे भी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*मानों सब कुछ बहुत दूर चला गया था,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*अहसास हुआ जब जिंदगी जीनी है मुझे भी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*आसान नहीं है कुछ भी मेरे लिए मगर आसान करना बहुत मुश्किल है,,,,,,,,,,,,,,,,,

*अहसास हुआ जब जिंदगी जीनी है मुझे भी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*पहले समझ नही थी कुछ भी करने की जब समझ आयी तब समझाने वाले हजारो आ गए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*अहसास हुआ जब जिंदगी जीनी है मुझे भी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*कोई जीने नहीं दे रहा है जब जिंदगी जीनी है मुझे भी,,,,,,,,,,,,,,

*अहसास हुआ जब जिंदगी जीनी है मुझे भी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

My book is published,,,,

*ye meri book ka link he aap Amazon se isko khreed sahkte ho or bahut hi aasani se pad bhi shakte ho,,,,,,,,

*umeed karti hu aap ko meri book pasnd aaygi,,,,,,,

*me aaisha gour,,,,,,

*or meri book ka naam,,,,,,,,

*Dosti or pyaar,,,,,,,,

*Amazon se aap meri book khreed sahkte ho frends,,,,,,,,,,,,

Meri pahli book publish ho gayi he,,,,,,,

*Kabhi nahi socha tha mere sapno ko bhi ak din udaan milegi mera bhi koi sapna pura hoga kyuki aaj tak koi sapna pura hi nahi hua ,,,,,,,,,,,,,

bahut tut gayi thi mgr kahte he naa khuda ke ghr der hoti he andher nahi wo kabhi khud se hamaari madad kanre ke liye nahi aata kisi naa kisi ko apna jaryaa bnnaa kar hamaare paas bhej deta he or mere sath bhi asa hi hua ,,,,,,,,,,,,,,,,

*teen insaan bahut khaas mile he mujhe jinhone meri dilo jaan se madad ki he unka ye ahsaan me zindagi bhar kabhi nahi bhulugi,,,,,,,,,,,

*sabse pahle navneet kumaar,,, jisne apna naa hoti hue bhi meri itni madad ki jitna koi nahi kar sakta tha,,, or duri ziddy jisne bhi meri bahut help ki,,,,,,,,,

*or teesra insaan Aashis kumar jiske wajhe se ye sab mumkin hi nahi the unhone ak insnaayat ke naate bahut jada hepl ki bahut ache insaan he wo unki hi wajhe se mere sapno ko ak nayi udaan mili he ,,,,,,,,,,

*kahte he dunyaa me chaaro or ache insaan he bus hum unhe dek nahi paate he ye baat bilkul sach he ,,,,,,

In sabka jitna bhi sukryaa adaa kru utna hi kam he dil se aap sab ko thank you so much❤ thank you so much thank you so much❤ thank you so much aap sab ko,,,,,,,,,,

*mere apno ne sath nahi deya lakin aap ne apno se bhi jada saath deya he,,,,,,,,,,

*thank you so much sir ,,,,,,,,,,

*thank you so much navneet kumaar,,,,,,,,,,,

*ab apni book pr aati hu meri book publish ho gayi he paper back book he meri ak bar jaroor khreed kar padhna umeed he aap sab ko bahut achi lagegi,,,,,,,,,,

*plzzz ak bar khreed kar padna jroor,,,,,,,,,

Book ki aage ki side,,,,,,,,

Or ye peche ki side he umeed karti hu aap ko pasnd aaygi meri book plzzz ak bar padnaa jroor,,,,,,,,,,,,

*ye meri book ka link he,,,,,

Uljhte hi jaa rahe he,,,,,,,

Uljhan badi nahi he mgr fir bhi uljhti hii jaa rahi he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*bahut kuch asa ho raha he zindagi me jo hona nahi chaahiye,,,,,,,,,,,,,,,,,

*jitna sab thik karne ki kosish karti hu utna he sab bekhar jaata he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*cheeje suljhne ke bajaaye or jada ulajhti hi jaa rahi he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*apne hi apno ki najro me gerane ki kosish me lage hue he,,,,,,,,,,,,

*dilo me logo ke jahr bhar gaya he,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*jo apno ke dard bhi dekhiyi nahi dete he,,,,,,,,,,,,,,,,

*log or unke rawaye ase bad jaate he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*dilo me nafrat daale hue he aaj kal is sahr me sab,,,,,,,,,,,,,

कितना कुछ बदल गया था,,,,,,,

*बहुत सालों के बाद आज जिंदगी के कुछ पुराने पंनो को खोला है,,,,,,,,,,,,,

*सोचा भी नही था इतना कुछ बदल जायेगा इन कुछ सालों मै,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*जिन पुराने दोस्तों को याद किये बिना एक दिन भी नही गुजरता था,,,,,,,,,,,,

*वो सब हमें कहीं पीछे छोड़कर बहुत आगे बढ़ गए है,,,,,,,,,,,,,

कल जब उनके बारे मै कुछ दोस्तों से पता किया तो पता लगा वो सब अपनी जिंदगी की नयी कहानी लिखने के मोड पर निकल गए हैं,,,,,,,,,,,,,,,,

*कितना कुछ बदल गया है और हम आज तक जहा खड़े है वही खड़े है,,,,,,,,,,,,,,,,,

*ये तो पता होता है जिंदगी बदल जाती है मगर इस तरह ये कभी नहीं सोचा था,,,,,,,,,,,,,,,,,

कितना कुछ बदल गया है इन कुछ सालों मै,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Jeena chaahti hu,,,,,,

*ak pal khusi ka jeena chaahti hu,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*chaaro or dard hi dard he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*dar laga rahta he kabhi koi galti naa ho jaaye,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*har koi meri galti ke intajaar me he,,,,,,,,,,,,,,

*kab koi galti ho kab mujhe saja de,,,,,,,,,,,,,,,,,

*bahut hi bekhar gayi hu ,,,,,,,,,,,,,,,

*bahut hi tut gayi hu,,,,,,,,,,,,,

*mgr fir bhi khadi hui hu,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

koi sath nahi he sab khelaf he mgr fir bhi himmat nahi haar rahi hu,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Ak pal ki khusi ke liye jeena chaahti hu,,,,,,,,,,,,,,,,

*thoda sa khud ke liye kuch karna chaahti hu,,,,,,,,,,,,,,

*mgr ye baat koi samjhta hi nahi he,,,,,,,,,,,,,,

*thodi si hi to khusi maagi he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*thoda sa hi to aasamaa maaga he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Hello,,,,

Hello, दोस्तो आज मेरी 200 पोस्ट हो गयी है बहुत खुश हु आज मै!

इतने कम वक्त मै 1000,se जादा फॉलो और फिर इतनी सारी पोस्ट !

*मेरे लिए यहा तक आना बहुत ही बड़ी बात है!

*आप सब ने मेरा बहुत साथ दिया! वरना मै यहाँ तक कभी नही आ ही पाती!

*thank you so much frends!

किसी को फिकर ही नहीं है!!!

*अहसास ही नहीं हुआ! कभी किसी को मेरी बातें का किसी हाल मै हु अंदर क्या कुछ चल रहा है!

*कभी किसी को एहसास ही नहीं हुआ! अपनो से अच्छे गैर लगने लगे हैं!

*अपने अपने बनकर भी अंजान बन रहे हैं! और गैर अपने ना होते हुए भी अपने लगते हैं!

*किसी और से शिकवा ही क्यु करू! जब दिल का सबसे करीब रहने वाला ही इंसान अपना नही है!

*जिसे मेरे जीने मरने से कोई फर्क ही नही पड़ता किस हाल मै हु मै! कभी पूछता तक नही!

*दिल के हाथों मजबूर हु! उसके बिना रहा ही नहीं जाता! जब भी बात करता है! ऐसा लगता हैं मुझ पर कोई एहसान कर रहा है!

*जब उसे कोई फर्क ही नहीं पड़ता मुझसे और मेरी बातों से फिर भी दिल उसके बिना उदास रहता है!

*कुछ समझ ही नहीं आता क्या करू!

*ऐसा लगने लगा है इस पूरी दुनिया मै कोई मुझे समझने वाला ही नही है कोई मुझसे प्यार नही करता! सब की नाराजगी सह सकती हु! मगर उसकी नही! बताया था उसे तब्यत ठीक नही है बहुत ही बीमार हू कुछ दिनो से!

*मगर उसे कोई फर्क ही नही पड़ता!

*कभी कभी मन करता है उससे कभी भी बात ना करू! मगर आस पास फिर कुछ ऐसा हो जाता है! जिसे देखकर उसकी फिकर होनी लगती है!

*दिल और दिमाग से जाता ही नही है!

*सच ही कहा है किसी ने हमेशा कोई किसी के लिए खास नही रहता! वक्त के साथ इंसान और उसकी पसन्द बदल जाती है!

*मगर मेरे साथ पता नही कभी भी ऐसा कुछ क्यु नही होता क्यु मेरी पसन्द नही बदलती क्यु सारी उमर एक ही इंसान खास रहता है!

*आज तक वो मुझे और मेरे प्यार को समझा ही नही! आज तक कभी उसने ये नही बोला के मैं उसके लिए खास हु!

*रोज उसे अपनी याद दिलाती हु! के मै भी उसकी जिंदगी मै हु! मगर उसे तो कोई फर्क ही नहीं पड़ता!

*मगर अब कुछ सहा ही नहीं जाता! नही दिलानी किसी को भी अपनी याद!

*इतने लोग रोज मर रहे हैं! समझ ही नहीं आता मेरी मौत आखिर कहा छुपी बैठी है! क्यु नही आती वो मुझसे मिलने और अपने साथ क्यु नही ले कर चली जाती मुझे!

*उसके साथ जाना है! उसकी दुनिया मै हमेशा, हमेशा के लिए!

*नही रहना है इस दुनिया मै जहाँ कदम कदम पर धोका है! वक्त आने पर लोग छोडकर कर चले जाते हैं! चाहें कोई अपना हो या नही!

*वक्त आने पर सबसे करीब इंसान भी करीब नही रहता वो भी साथ छोड़कर चला जाता है

अगर ख्वाबो मै जान हो तो वो कभी भी पूरे हो सकते है ! ,,,, एक छोटी सी स्टोरी,,,,,,,,,,

*बाबा मुझे अभी और पढ़ना है! अपने ख्वाबो को पुरा करना है! लेकिन आप ये क्यु बोल रहे हो के बहुत पढ़ लिया! अब आगे नहीं! आप को तो पता है ना मेरे कितने ख्वाब है! आप ऐसा कैसे बोल सकते हो बाबा,,,,,,,,,,,,,,,,,

*देखो मेरी प्यारी बेटी, तुम तो अपने बाबा की जान हो ना! अपने बाबा को अच्छे से समझती हो! प्लीज़ अपने बाबा की ये बात मान लो! तुम्हारा बाप, अब बुढा, हो गया है!मेरी सासो का कोई पता नही है! ना जाने कब मेरा साथ छोड़ दे! इस लिए जितनी जल्दी हो सके तुम्हारी शादी कर देना चाहता हु! ताकि मै मौत की नींद अच्छे से सो सकूँ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*बाबा आप ऐसा क्यु बोल रहे हो! मै आप को कहीं नही जाने दूगी! इतना बोलकर हानिया, की आँखों से आशु बहने लगे ! और वो अपने बाबा के गले लग कर रोने लगी,,,,,,,,,,,,,,,

*कहते है खुदा जिंतना इंसान से लेता है! उससे कही जादा अधिक उसकी झोली मै डाल देता है! बहुत खुशनसीब होते हैं वो माँ बाप जिनके पास हानिया जैसी बेटी होती है! खुदा ने हानिया की माँ को अपने पास बुला लिया! मगर हनीफ साहब, को हानिया जैसी बेटी अता की! हानिया जब इस दुनिया मै आई ! वो अपने साथ बहुत बरकते साथ लाई!

*हनीफ साहब, अपनी बेटी से बहुत प्यार करते थे,! कभी उसकी आँखो मै कोई आँशु नही आने देते थे! हर तरह से उसका ख्याल रखते! बाप होने के बावजूद कभी उन्होंने हानिया को माँ की कमी महसूस नहीं होने दी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*सब कुछ सही चल रहा था! अचानक से हानिया को अपनी शादी का सुनकर बहुत ही अजीब लगा! एक दम उसके बाबा को उसकी शादी की जल्दी क्यु पड़ी थी,,,,,,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,

*अभी तो उसके ख्वाबो का सफर शुरू ही हुआ था! अभी तो उसे पढ़ना था,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*फिर वो दिन भी आ ही गया! जब हानिया दुल्हन, के जोड़े मै सजी हुई थी! जितने खुश हनीफ साहब, लग रहे थे! उससे कही जादा वो अंदर से दुखी थे! उनकी फूल जैसी बेटी ना जाने कब इतनी बड़ी हो गयी! उन्हे पता ही नही चला,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*जिंदगी के खेल भी बहुत ही अजीब है! ना जाने कहा से कहा इंसान को लेकर जाते है! ,,,,,,,,,,,,,

*हानिया बिल्कुल अपने नये घर से अंजान थी! इस नये घर के तौर तरीके सब उसके घर से अलग थे! जिन्हे समझना उसके लिए बहुत मुश्किल हो रहा था,,,,,,,,,,,,,,,,,

*मगर फ़ारिश् ने इन सब मै उसका पूरा साथ दिया था! फ़ारिश् के घर वाले भी बहुत ही अच्छे थे! हानिया का बहुत ख्याल रखते थे! फ़ारिश् के घर मै हानिया को बहुत प्यार मिला! मगर उसे अपने पहले वाले घर और सबसे जादा अपने बाबा की याद आती थी! जब भी उसे अपने बाबा की याद आती थी! और जब भी उसका मन अपने बाबा से मिलने को करता! फ़ारिश् फौरन उसे लेकर चला जाता,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*हानिया की पढाई बीच मै रुक गयी थी! उसे लगा था अब सायद वो कभी कॉलेज नही जा सकेगी!

*मगर उसका ऐसा सोचना बिल्कुल गलत था! फ़ारिश् एक बहुत ही अच्छा हसबैंड, साबित हुआ! जो हानिया की हर ख्वाइश पुरा करना चाहता था! और सबसे अच्छी बात वो इन सब मै कामयाब भी हो गया था! फ़ारिश् को हानिया से मोहब्बत हो गयी थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*जो खुबिया हानिया ने अपने हसबैंड मै सोची थी! फ़ारिश् मै वो थी! एक लड़की को उसका हंसफ़र अच्छा और उसकी कदर करने वाला मिल जाए! तो उस लड़की को और क्या चाहिए ! बस वो इंसान अपनी बीवी, की इज्जत करने वाला हो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*एक लड़की का भी यही फ्रज होना चाहये! के वो भी अपने जीवन साथ की इज्जत करे ! जो हानिया बहुत करती थी,,,,,,,,,,,

Nayi manjil ki or uske kadan badh rahe he,,,,,,,,,,,,,,,,

Jinse baat karne ke liye hum mare jaate he unko hamaari koi fikr hi nahi he,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*jab unse baat nahi hoti to ye dil ki beachani badh jaati he,,,,,,,,,,,,

Mgr unko is baat se koi lena dena hi nahi he,,,,,,,,,,,,

*asa lagta he unki manjil ab hum nahi koi or he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*nayi manjil ke or unke kadam badh gaye he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*mujhe nahi lagta bhul kar bhi usko ab mera khyaal aayga,,,,,,,,,,,,

*ak nayi manjil uska intajaar kar rahi he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*nayi manjil ki or uske kadam badh rahe he,,,,,,,,,,,,,,,,,,