मेरे लिए मेरी आशकी बन गये थे तुम,,,,,,,

*सोचा था अगर बिछडी कभी तुमसे तो ये सासे ही रुक जायेगी,,,,,,,

*मगर ऐसा तो कुछ हुआ ही नहीं,,,,,,

*हा मगर तुम्हारे बिना जीने की आदत जरूर हो गयी है,,,,,,,

* गलती क्या थी मेरी जो इतनी बड़ी सजा दे डाली तुमने मुझे,,,,,,,

*पागलो की तरह चाहना ये गलती थी मेरी ! या फिर हद से जादा तुम्हारी फिक्र करना! या तुम्हारी खैरीयत पूछने के लिए हजारो मैसीजस करना,,,,,,

*यही तो गलती थी ना मेरी,,,,,,,

*तुमने तो उन हजारो मैसीजस का एक भी रिप्लाय करना जरूर ही नहीं समझा! मै तो पागल थी जो तुम्हारे लिए परेसान होती थी,,,,,,,,

*हर बार मुझे इग्नोर करना यही तो किया ना तुमने,,,,,,,,,

*प्यार किया मैने! कोई मजाक नही,,,,,

*तुम्हारे लिए मै मजाक थी या फिर टाइम पास लेकिन मेरे लिए मेरी जिंदगी बन गये थे तुम! मेरी आश्क़ि बन गये थे मेरा पागल पन बन गये थे तुम!,,,,,,,,,,,,

*इस दिल मै ऐसे बस गये हो तुम मेरे जिस्म से मेरी रूह तो निकल सकती हैं मगर तुम नही,,,,,,,,

*मेरे लिए मेरी जिंदगी बन गये थे तुम,,,,,,,,

*खास तब भी थे खास आज भी हो और खास कल भी रहोगे ,,,,,,,,,

*मुबारक हो तुम्हे तुम्हारी आजादी,,,,,,,

*आज मैने तुम्हे अपनी ही मोहब्बत की केद से रिहा कर दिया,,,,,,,,,

क्यू वो मेरे लिए अंजान बनता जा रहा है

*क्यू वो मेरे लिए अंजान बनता जा रहा है,,,,,,,

*Why is it becoming unknown to me,,,,,,

*क्यू वो मुझसे दूर जाता जा रहा है,,,,,

*why is he going away from me,,,,,,,

*क्यू वो हमारे बीच दुरीया बढ़ाता जा रहा है,,,,,,,,

*why is he increasing the distance between us,,,,,,,,,

*क्यू वो खुद मुझसे दूर जाता जा रहा है,,,,,,,

*why is he going away from me,,,,,,

*क्यू वो मेरे लिए अंजान बनता जा रहा है,,,,,

*why is it becoming unknown to me,,,,,

अधुरी ख्वाइसे अधुरी मंजिलें

*अधुरी ख्वाइसे अधुरी मंजिले सब कुछ ही अधूरा सा है,,,,,,

*in complete everything is incompleted in the unfinished story,,,,,,,

*रास्तो को मेरे कभी मजिल मिली ही नहीं सब कुछ अधूरा सा ही है,,,,,,,

*never got any destination to my destination everything is incmpleted,,,,,,

* जिन रास्तो पर चलना चाहा भी मैने ना जाने कितनी ही रुकावते सामने आती गयी,,,,,,

*i wanted to walk on the path i don’t know how many obstaclas came in front came,,,,,,

*अधुरी ख्वाइसे अधुरी मंजिले सब कुछ अधूरा सा है,,,,,,,,

*in complete everything is incompleted in the unfinsished story,,,,,,

हिसाब तेरा भी होगा हिसाब मेरा भी होगा

*हिसाब तेरा भी होगा हिसाब मेरा भी होगा,,,,,

*your account will be accounted for,,,,,,,

*खुदा के उस घर में सब का हिसाब होगा,,,,,,

*all the accounts in that house of God,,,,,,

*कितना किसका दिल दुख्या कितना किस को दर्द दीया तूने,,,,,,

*how much whose heart is daunting how much whose pain is given,,,,,

*हिसाब सब का बराबर होगा,,,,,

*Everyone will be equal,,,,,

*हिसाब तेरा भी होगा हिसाब मेरा भी होगा,,,,,

*your account will be accounted for,,,,,,

*खुदा के उस घर में सब का हिसाब होगा,,,,,

*all the account in that house of God,,,,,

प्यार नही था तो बोल देते

*प्यार नही था मुझसे तो एक बार बोल देते मुझे तुम,,,,,,

*यू सरे आम बदनाम तो ना करते फिरते मुझे तुम,,,,,,,,

* पहले ही बोला था दिल के साथ मेरे कभी खेलना नही तुम,,,,,,,

*प्यार नही होगा जिस दिन मुझसे तुम्हे ,,,,,,,

*बता ही देना उस दिन मुझे तुम,,,,,,

*यू सरे आम बदनाम तो ना करना मुझे तुम,,,,

*प्यार नही था मुझसे तो एक बोल देते मुझे तुम,,,,,

*यू सरे आम बदनाम तो ना करते मुझे तुम,,,,

*यू दिल तोड़ते ना मेरा तुम,,,,,

कमाल है ना आखे

*कमाल है ना आखों तालाब नही फिर भी भर आती हैं,,,,

* और दिल काच नही फिर भी टूटता है,,,,

*दिल का और आखों का रिस्ता बहुत ही गहरा होता है,,,,,,

*हमारे दिल को आगर कुछ भी होता हैं तो हमेशा आखे ही रोती है,,,,,

*हमारी आखों से ही आशू गिरते हैं कमाल है खुदा की कुदरत,,,,,,

*आखों तालाब नही फिर भी भर आती हैं,,,,,,,

*और दिल काच नही फिर भी कितनी जोर से टूटता है मगर मजाल है दिल के टूटने की आवाज बाहर किसी को भी सुनाई दे,,,,,,,,

जो रूला सकता हैं

*जो इंसान हमे रूला सकता हैं,,,,,

*वो इंसान हमे भुला भी सकता हैं,,,,

*जो इंसान हमे बार बार रूला सकता हैं वो इंसान हमे कभी भी भुला सकता हैं,,,,,,,

*जो इंसान आप को समझता ही नही हो और ना ही आप की कदर करता हो बार बार आप को रुलाता हो,,,,,,,

*इसका मतलब उसे आप को भुलाने मै एक पल भी नही लगेगा,,,,,,,

जिंदगी मै कुछ जख्म ऐसे होते हैं,,,,,

*जिंदगी मै कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो कभी नही भरते बस हम इंसान उन्हे छुपाने का हुनर सीख जाते हैं,,,,,,

*कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो कभी भरते ही नहीं जीन्हें हम कभी भी भूलते नही आखरी साँस तक हमे वो जख्म याद रहते हैं,,,,,

*लेकिन सब के सामने हम ऐसे रहते हैं मानो कुछ हुआ ही ना हो,,,,,,

*लेकिन हमारे अंदर जो जख्म होते हैं वो हमे हमेशा याद रहते हैं और उनको देने वाला भी,,,,,,

हम किसी के लिए उतना भी जरुरी नही होते

*कभी कभी हम किसी इंसान के लिए उतना भी जरुरी नही होते जितना हम खुद को सोच लेते हैं,,,,,,

*यहाँ कोई किसी के लिए जरुरी नहीं होता और ना ही कोई खास,,,,,,,

*बस हम इंसान खुद ही अपने आप को खास और जरुरी समझने लगते हैं

*वरना कोई किसी के लिए जरुरी नही होता,,,,,

*और ना ही खास,,,,,,,

किसी से प्यार करना गलत है क्या

*किसी से प्यार करना गलत है क्या,,,,,

*किसी को दिल खोल कर चाहना गलत है क्या,,,,,,,,,

*किसी से अच्छाई की उम्मीद लगाना गलत है क्या,,,,,,,,

*किसी को अपनी जिंदगी मै लाना गलत है क्या,,,,,,,,

*किसी को अपने होने का अहसास दिलाना गलत है क्या,,,,,,,,,,,

*जब ये सब गलत है तो फ़िर सही क्या है हमारी जिंदगी मै,,,,,,,,,,,,,