लोगों को समझना,,,,,

*जितना लोगो को मैने समझने की कोशीश की उन्हे जानना की कोशीश की,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*उनके बारे मै अच्छी सोच रखी उन सबने ही भरोसा तोड़ा,,,,,,,,,,,

*एक बात अब समझ मै आ गयी है किसी को आपने बारे मै उतना ही बताओ जितना वो इंसान आप को समझ सके,,,,,,,, ,,,,

*अपनी जिंदगी की किताब ऐसे इंसान के सामने खोलो जो समझने के काबिल हो ना समझो के सामने नही,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*जिंदगी एक ऐसी कदार पर खड़ी है,,,,,,,,,,,

*जहाँ सिर्फ मौत ही मुकदर है,,,,,,,,,,,,,

AAISHA GOUR,

सबको अपना समझना छोड़ दो,,,,,,,,,,,

*कितनी अजीब बात है ना कुछ लोग ऐसे होते है जो हम पर कभी भी भरोसा नही करते,,,,,,,,,,

*हम उनको बार बार अपने सच्चा होने का साबूत देते हैं मगर फिर भी हम लोग उनकी नजरों मै झूठे और गलत ही होते हैं,,,,,,,,,,,,,,,,

*मुझमे एक कमी है मै जब भी किसी से बात करती हु तो सामने वाले को अपना समझ लेती हु,,,,,,,,,,

*अपनी ही तरह उससे बात करती हु,,,,,,,,,,,,,,

*मगर अब अहसास हो गया है जब कोई हमसे अच्छे से बात ना करे तो हमें भी सामने वाले से अच्छे से बात करने की कोई जरूरत नही है,,,,,,,,,,,

*दिल बहुत दुखता है जब कोई बात बात पर हमारी इंसल्ट करता है,,,,,,,,,,

*इस पूरी दुनिया मै कोई किसी का नही होता,,,,,,,,,,,,,,,,,

*और हर किसी को अपना समझना छोड़ दो और ये उमीद करना छोड़ दो के कोई आपकी मदद करेगा हर कोई अपनी ही दुनिया मै मगन है,,,,,,

*खुद पर भरोसा करो ना की किसी दूसरे पर,,,,,,,,,,,,

AAISHA GOUR,

हवा का झोंका,,,,,

हवा का वो झोंका सब कुछ अपने साथ उड़ा कर ले गया,,,,,,,,,,,,,,

*जो नाव अपनी मंजिल की और बड़ रही थी अब वो अपनी मंजिल ही भूल चुकी है,,,,,,,,,,,,,

*रोशनी देने वाला चिराग आज अचानक से बुझ क्यु गया,,,,,,,,,,,,,,,

*हमेशा बोलने वाले इंसान अब चुप सा रहने लगा हैं,,,,,,,,,,,,,,,,,

*बारिश ने हजारों लोगो की जान लेली और हजारों लोगो को जिंदगी भी दी है,,,,,,,,,,, ,,,,,,,

*कुछ फैसले खुद पर ही छोड़ दो कुछ उस खुदा पर भी छोड़ दो,,,,,,,,,,,,

* वो सबकी सुनता है चाहे देर से ही क्यु ना सुने,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

AAISHA GOUR,

ख्वाबो के महल,,,,,,,,

*ख्वाबो के महल हमने भी बनाए थे कभी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*उनको हकीकत बना ही ना पाएँ हम कभी,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*आज सोचते है कुछ वक्त पीछे चले जाए हम भी कहीं,,,,,,,,,,,,,,

*अपनो को मना लेते काश हम भी कभी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*एक अधूरे ख्वाब जैसी है जिंदगी हमारी भी कहीं,,,,,,,,,,,,,,,,

*एक छोटी सी पहचान होती हमारी भी कभी,,,,,,,,,,,,,,,,,

*काश जिंदगी फिर से कुछ वक्त देती हमें,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*ख्वाबो के महल हमने भी बनाए थे कभी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

AAISHA GOUR,

अनकहीं बाते,,,,,,

*कुछ अनकही बातो से रिश्ता नहीं है मेरा,,,,,,,,,,,,,,,

*कुछ अल्फ़ाज अधूरे ही रह गए हैं मेरे,,,,,,,,,,,,,,,

*क्यु तुम ऐसे सता कर चले जाते हो फिर से मनाने के लिए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*दिल को तु ही चाहये अपना बनाने के लिए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*हर खुशी तुझसे ही तो है मेरी जिंदगी मै,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*बस एक आस चाहये तुझे मनाने के लिए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*दिल का ये रिश्ता ख़तम ना होगा जिंदगी मै कभी,,,,,,,,,,

*पास ना हो हम रूहे तो एक दूसरे मै ही बसी है ना हमारी,,,,,,,,,,,,,,,,

*जिंदगी तुझसे शुरू है तुझसे पर ही ख़तम है,,,,,,,,,,

AAISHA GOUR,

Ak saal

Kitni ajeeb baat he naa mujhe wordpress pr aaye hue ak sal ho gaya he,,,,,,,,,,,,

*wordpress pr jb me aayi thi use wakt mujhe yaha pr bahut dar laga tha,,,,, ,,,,,,,,,,

* mgr kuch log mujhe wordpress pr ase mile jinhone mera bahut sath deya jinki wajhe se me yaha hu,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,

*Wordpress pr mujhe ak dost mila he ak asa dost jo mera sath deta he mujhe samjhta he,,,,,,,,,,,,,,

*apne use dost ka dil se sukrya mera dost banne ke liye,,,,,,,,,,,,

*mgr kuch log ase bhi mile jinhone sath to bahut deya he mgr bich me hi sath chod kar chale gye,,,,,,,,,,,,,,,,,

Unka bhi sukrya in sab ki wajhe se hi me aaj yaha tak aayi hu kisi or ke liye yaha tak aana koi badi baat nahi hogi mgr mere liye ye bahut hi badi baat he,,,,,,,,,,,,,,,,

*thank you so much,,, Ashish sir,,,,,,

*or mere sabse ache dost thank you so much dear aap ne bahut sath deya is ak saal me,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*thank you so much all friends,,,,,,,,,,,,,,

Hello friends please help me,,,,,,

*mujhe apni book publish karaani he nahi pta kis se karwaao,,,,,,,,,,,,,,,

*plzzz koi bta sakta he me kaha se apni book publish kara sakti hu,,,,,,,,,,,,,,,,

*me kisi ase insaan ko nahi jaanti jo book publish karta he plzzz help me agr aap jaante ho plzzz mujhe btao,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*mere liye meri book publish honaa bahut jroori he or mere pass jaydaa time bhi nahi he plzzz help me,,,,,,,,,,,,,,,

*please help me friends,,,,,,

*meri ak book publish houi thi abhi thode din pahle Ashish sir ne ki thi lakin kisi problm ki wajhe se wo ab book publish nahi kar sakte,,,,,,,,,,,,

*please help me🙏🙏🙏🙏🙏🙏

*help me friends,,,,,,

Kitni ajeeb baat he,,,,

*kitni ajeeb baat he naa jise hum paana chaahte he wo hame milta hi nahi he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*or jise hum khud se dur karnaa chahte he wo hamse dur jaata hi nahi he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*kre bhi to kya kre jo naa pasnd he ushi me dhal jaaye,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*ya fir jo pasnd he ushe hi haasil kare,,,,,,,,,,,,,,,

*zindagi ak ajeeb khel khalti he jo kabhi hame samjh hi nahi aata he,,,,,,,,,,,,,,,,

*jis me jeet hamaari bhi hoti he yaa nahi hame kuch pta hi nahi hota he bus ab to khud hi apni zindagi jee rhe he,,,,,,,,,,,,,,,

*khud ki pasnd ko naa pasnd kar dete he,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

किसी को भुलाना इतना आसान नहीं होता,,,,,,,,,

*दिल और दिमाग मै से किसी इंसान और कुछ बाते निकालना बहुत ही मुश्किल होता है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*चाह कर भी हम इन सब को कभी कभी अपने दिमाग से निकाल ही नही पाते है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*जो हमेशा दिल और दिमाग में रहती है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*अगर सब कुछ भुलाना इतना आसान होता तो जिंदगी की किताब से मै कुछ पंने अलग कर देती जो याद आने पर बहुत तकलीफ देते है,,,,,,,,,,,,,,,,

*पता नहीं कुछ लोग कैसे सब कुछ इतनी आसानी से भूल जाते है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*यहाँ तो सब कुछ याद रहता है भुलाना तो दूर कभी दिमाग से ही नही जाते है,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*कुछ लोगो को भुलाना इतना आसान नही होता जितना कुछ लोग बोल देते हैं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

प्यार एक अहसास है,,,,,,

*शुरू से ही मै अपनी मर्जी की मालिक थी! जब छोटी थी सब करती थी जो मुझे पसन्द था मगर जब बड़ी होती गयी सब कुछ बदलता गया,,,,,,,,,,,,,,

*सब कुछ पसंद और ना पसंद भी मगर ईसी बीच मेरी जिंदगी मै कुछ ऐसा हुआ जो कभी मैने सपने मै भी नही सोचा था,,,,,,,,,,,,

*सब कुछ बदल कर रह गया! मै पहली जैसी नही रही ना ही मेरी पसंद और ना मेरी ख्वाईशें,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*मेरी जिंदगी ऐसी हो गयी जैसे मै बेजान, हु! मै पागल हु घर वालों का रेवौया मेरे साथ ठीक नही था,,,,, ,,,,

*अगर कुछ बुरा भी होता तो उसकी भी जिमेदार मैं ही होती,,,,,,,,,,,,,,

*अगर घर मै कुछ गड़बड़ भी होता तो उसकी भी जिमेदार मै ही होती,,,,,,,,,,,,,,,

घर वालो की बाते खास कर मेरी माँ की बाते मेरे लिए बहुत बुरी थी अगर कोई सुन भी ले तो वो इंसान अपने कानों को हाथ लगाता,,,,,,,,,,,,,,,

*कभी उन्होंने मुझे वो वाला प्यार ही नही किया जो एक माँ अपनी बेटी से करती है! हर वक्त मुझे बुरा भला बोलना मुझे मारना पिटना भी होता था,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*समझ नही आता था आखिर मेरी गलती क्या है जो मेरे साथ ऐसा होता है और भाई, बहन भी ऐसा ही करने लगे कोई अच्छे से बात भी नही करना पसन्द करता था,,,,,,,,,,,, ,,,,

* कभी कभी तो पापा का भी यही हाल होता ,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*सब की बाते तो मै बरदास्त कर सकती थी मगर अपने पापा के मुह से अपने लिए ऐसी बातें जो बरदास्त से बाहर होती थी जिनकी वजह से मै पूरी पूरी रात रोती रहती थी क्यू मेरे साथ ऐसा होता है,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*बहुत बार तो खुद को मारने की भी कोशीश की मगर इतनी हिम्मत नही थी मुझमे के मै खुदखुशी कर सकती,,,,,,,,,,,,

*हर रोज उपर वाले से यही दुआ करती के आज मेरी मौत आ जाए मगर दिन ऐसे ही गुजरते जा रहे थे ऐसा कुछ नही हुआ मेरी मौत नही आई,,,,,,,,,,

*मेरी जिंदगी एक ऐसे मोड़ पर आकर खड़ी हो गयी जहां मै डिप्रसन मैं चली गयी पागलो की तरह हो गयी कुछ बरदास्त ही नहीं हो रहा था,,,,,,,,,,,,,,

*काश आज मै इस दुनिया से चली जाऊँ रोज यही दुआ मेरे होठों पर रहती जीती भी तो मै किस के लिए जहा कोई मेरा था ही नही,,,,,,,,,,,,,,,

*मगर फिर एक दिन एक ऐसा इंसान मेरी जिंदगी में आया जो मेरे जीने की वजह बना जो मुझे अपनी बातो से हँसाता था जो मुझे मुझसे भी जादा प्यार करता था जो मेरे दुखी होने पर दुखी होता मेरे खुश होने पर खुश होता जिसे मेरी परवा थी जो मेरा सहारा बन गया था,,,,,,,,

*जो मुझे खुश करने के लिए सब कुछ करता जिससे मै खुश रहु जो मेरे लिए बहुत खास हो गया था जिसके लिए मै खास हो गयी थी,,,,,,,,,,,,,,,

*उसने मुझे मेरी प्रसानी से निकालने की सारी कोशीश की उसका प्यार ऐसा था जो मुझे फिर से जिंदगी की और लेकर आने लगा था,,,,,,,,,,,,,

*उसके सिवा अब मुझे कुछ नही चाहये था बस वो ही चाहये था जो सच मै मेरी जान बन गया था,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*मगर एक दिन वो मुझे छोड़ कर पता नहीं कहा चला गया बहुत कॉल की उसे MSG किये मगर उसका कुछ पता नही चला मगर जो कुछ मेरी जिंदगी मै सुधार हुआ था उसके आने से आया था, अब मेरी जिंदगी उससे भी बुरी हो गयी थी और फिर एक दिन मे पागल हो गयी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

*दो साल मेंटल हॉस्पिटल मै रहने के बाद जब मै घर आ रही थी तो उस वक्त वो मुझे रास्ते मै एक लड़की के साथ दीखाई दिया,,,,,,,,,,,,

*एक भी दिन ऐसा नही गया था जब मै उसके लिए तड़पी ना हो जब इस दिल ने उसे पुकारा ना हो,,,,,,,,,,,,,,,

*उसके प्यार का अहसास पूरे जिस्म मै बस गया था जिशे भुलाना मेरे लिए ना मुमकिन था मेरे लिए वो मुझे भूल भी गया होगा मगर आज भी उसका प्यार इस दिल मै बसा है हर सास मै हर धड़कन मै वो है उसका अहसास और उसकी याद ही अब मेरे लिए काफी थी,,,,,,,,,,,